त्योहारों पर सुरक्षित आतिशबाज़ी: बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
खुशियों के त्योहार में ज़रा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। सुरक्षा के ये नियम पूरे परिवार को बताएं।
त्योहार खुशियां बांटने का मौका होते हैं। लेकिन आतिशबाज़ी के दौरान छोटी-सी चूक भी हादसे का कारण बन सकती है।
क्या करें
यहाँ आपका विज्ञापनअपने व्यापार को हज़ारों पाठकों तक पहुँचाएँ 9759000030- पटाखे खुले मैदान में और बड़ों की निगरानी में ही जलाएं
- पास में पानी की बाल्टी और रेत रखें
- सूती कपड़े पहनें, ढीले और सिंथेटिक कपड़ों से बचें
- बुजुर्गों, बीमार लोगों और पालतू जानवरों का ध्यान रखें
क्या न करें
- हाथ में पकड़कर पटाखा न जलाएं
- जो पटाखा न फटे, उसके पास दोबारा न जाएं
- वाहनों और बिजली के तारों के पास आतिशबाज़ी न करें
जलने पर घाव को साफ़ ठंडे पानी से धोएं और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आपातकाल में 112 पर कॉल करें।



